हाँ! आप एक विजेता हो! How To Be a Winner in Life


How To Be a Winner in Life : जीवन की रेस में हर कोई विजेता (Winner) बनना चाहता है। आज चाहें जैसा भी है लेकिन आने वाले कल को बेहतर बनाने की एक इच्छा (Desire) हम सभी के मन में होती है।

Contents
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विजेता कैसे बना जा सकता है?

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How To Be a Winner in Life

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सेल्फ हेल्प बुक जो आपको विजेता बना सकती है!A self-help Book that can Make you a Winner!

अधिकतर लोगों की यह इच्छा जीवन की रेस में भागते भागते इतना थक जाती है कि वह इच्छा एक इच्छा न रहकर क

how to be a winner hindi
How to Be a Winner

भी न पूरा होने वाले सपने का रंगरूप ले लेती है।

मैं परीक्षा में टॉप करना चाहता हूँ!! मैं एक सफल व्यक्ति बनना चाहता हूँ!! मैं एक बहुत बड़ा बिज़नेस खड़ा करना चाहता हूँ!!! इस तरह की करोड़ों इच्छाएं हकीकत का रूप लेने को तैयार हैं।

हम सभी अपनी अपनी इच्छाओं को पूरा करके एक विजेता बनना चाहते हैं। लेकिन क्या इन सपनों को हम आसानी से प्राप्त कर सकते हैं? क्या हम विजेता बन सकते हैं? (Can we become the Winner in Life)

जी हाँ!! सपनों को प्राप्त किया जा सकता है!! विजेता बना जा सकता है!! (We can become a Winner in Life) लेकिन कैसे?

यदि विजेता बनना आसान होता तो अधिकतर लोग असफल क्यों हो जाते हैं? आप खुद से ही पूछिए कि क्या आप सफलता के शिखर (Top of Success) पर पहुंचना चाहते हैं?

यदि हाँ तो जरा बताइये कि क्या कारण है कि आप जिस सफलता को प्राप्त करना चाहते हैं, उसे आज इतना दूर महसूस क्यों कर रहे हैं?

मनचाही इच्छा को पूरा करके विजेता बनने के लिए लोग क्या क्या नहीं करते! लेकिन सफलता है कि मान ही नहीं रही, वो पास आने और गले लगने को तैयार ही नहीं है।

सोचने की बात यह है कि आखिर कमी कहाँ रह जाती है? हमसे ऐसी क्या गलतियां हो जाती हैं जिसकी वजह से विजेता बनने का सुख अधिकतर लोगों को नहीं मिल पाता?

तो देर किस बात की है, आइये इसी पर आपसे कुछ बातें करते हैं और जानते हैं विजेता बनने के सीक्रेट्स (Secrets of Winners) जिन्हें अपनाकर आप और हम एक विजेता के रूप में जीवन जी सकते हैं।

आप बहुत अच्छे से जान पाएंगे कि-

विजेता कैसे बना जा सकता है?

How To Be a Winner in Life

आपने पानी को पत्थर पर गिरते जरूर देखा होगा। किस तरह कोमल दिल रखने वाला पानी जब कठोर दिल रखने वाले पत्थर से टकराता है तो चारों ओर बिखर जाता है।

एक बार पानी ने पत्थर को तोड़कर विजेता बनने का निश्चय किया। पानी कुछ ऊंचाई पर गया और पत्थर पर गिरकर उसे तोडना चाहा लेकिन पत्थर से टकराने के कारण चारों ओर बिखर गया।

ऐसा नहीं है कि पानी ने उस कठोर दिल रखने वाले पत्थर को उस पर गिरते समय तोड़ने का प्रयास नहीं किया। प्रयास तो उसने किया लेकिन उसका यह प्रयास बहुत छोटा था।

अपने प्रयास को बड़ा बनाने के लिए पानी ने और अधिक ऊँचाई से गिरना शुरू किया। लेकिन इस बार वह पहले से ज्यादा तेजी से चारों ओर बिखर गया।

यदि इंसान को पानी और उसके लक्ष्य (Goal) को पत्थर समझ लें तो एक साधारण इंसान बस यही तक प्रयास करके अपने लक्ष्य को पाना चाहता है और खुद को कमजोर घोषित करते हुए हार मान लेता है।

आइये अब आगे चलते हैं और जानते हैं कि अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए पानी ने आगे क्या प्रयास किये। पानी ने सोचा कि मैं जितना ऊपर जाकर पत्थर को तोड़ने के लिए प्रयास करता हूँ उतनी ही तेजी से और उतनी ही अधिक दूर बिखर जाता हूँ।

लेकिन इस बार और अधिक ऊंचाई से गिरने की ठानकर जैसे ही वह चला तो अचानक उसने देखा कि उसके दो प्रयासों से पत्थर अब बहुत साफ़ हो गया है और उस पर जमी मिट्टी अब हट चुकी है।

वह बहुत खुश हुआ कि यदि मैं पत्थर पर जमी मिट्टी को अपने दो प्रयासों से काट सकता हूँ तो यदि लगातार प्रयास करते रहूं तो एक समय ऐसा आएगा जब मैं इस पत्थर को भी काट दूंगा।

अब पानी कुछ और ऊंचाई पर गया और फिर से पत्थर पर गिरा। लेकिन इस बार वह और ज्यादा तेजी से चारो ओर बिखर गया। इस बार वह इतनी दूर तक बिखर गया कि उसे अपनी सभी बूंदों को समेटना बहुत मुश्किल हो गया।

बहुत मेहनत के बाद किसी तरह उसने खुद को समेटा। अब वह यह समझ गया कि बहुत ज्यादा ऊंचाई से नहीं गिरना है वरना खुद को समेटना मुश्किल हो जायेगा।

दोस्तों, कुछ लोग भी यही गलती करते हैं। वह अपनी कैपेसिटी से ज्यादा या अपने पास मौजूद साधनों से ज्यादा उपयोग करके आगे बढ़ना चाहते हैं। यह अच्छी बात है लेकिन यदि प्रयास में असफलता मिलती है तो खुद को दुवारा संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है।

इसलिए सफलता पाने के प्रयास में अपना खुद का 100% दीजिये लेकिन यह भी ध्यान रखिये कि यदि इस प्रयास में सफलता नहीं मिली तो खुद को दुबारा प्रयास के लिए तैयार कर पाएंगे या नहीं।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए पानी ने निश्चय किया कि अब वह इससे और अधिक ऊंचाई से नहीं गिरेगा वरना अगली बार पत्थर से टकराकर इतना दूर बिखर जायेगा कि खुद को संभाल नहीं पायेगा।

अब उसने लगातार प्रयास का निश्चय किया। अब उसे अपने लगातार प्रयास में इस बात  ध्यान रखना है कि अपने हर प्रयास में वह पत्थर पर ही गिरेगा।

दोस्तों, यहाँ पर भी कुछ लोग गलती यह कर देते हैं कि प्रयास तो लगातार करते हैं लेकिन अधिकतर समय उनकी दिशा सही नहीं होती अर्थात सही दिशा में प्रयास नहीं होता और वह प्रयास बेकार चला जाता है।

पानी अब एक निश्चित ऊंचाई से पत्थर पर गिरने का लगातार प्रयास करने लगा। अपने कई प्रयासों के बाद उसने देखा कि पत्थर के कुछ कण टूटने लगे हैं। वह बहुत खुश हुआ। इतना खुश कि अगले कई दिनों तक उसने पत्थर तोड़ने का कोई प्रयास नहीं किया।

अब वह लापरवाह होने लगा था। अब कुछ दिनों बाद जैसे ही वह पत्थर तोड़ने पहुंचा तो उसने देखा कि इन दिनों में पत्थर पर मिट्टी की कई परतें जम गयी हैं। अब उसे कई दिन उन मिट्टी की परतों को हटाने में लगाने होंगे।

दोस्तों, अधिकतर लोग भी यही करते हैं। काम को अधूरा छोड़कर बाकी बचे काम को कल पर टालते रहते हैं। इतका रिजल्ट यह होता है कि लगातार कार्य करने पर जो वर्किंग स्पीड मिल रही थी अब उसे दुबारा उसी स्पीड में आने में कई दिन लग जाते हैं।

कभी कभी तो बहुत सा वर्क लोगों को दुबारा करना पड़ता है। इसलिए सफल होना है तो टालमटोल की आदत (Habit of Procrastination) को हमेशा के लिए छोड़ दीजिये।

अब पानी को अपने कई दिन पत्थर पर जमी मिट्टी को हटाने में लगाने पड़े। लेकिन अब उसने निश्चय किया कि अब वह बिना टालमटोल (Procrastination) के अपने लक्ष्य की ओर सही दिशा में अपना 100% देते हुए लगातार प्रयास करना ही होगा।

उसने ऐसा ही किया, उसके हर प्रयास में धीरे धीरे पत्थर के कण टूटते जा रहे थे। एक दिन ऐसा आया कि पानी ने पत्थर पर आखरी प्रयास किया और यह क्या!!!……… वह पत्थर टूट गया।

पानी ने सफलता प्राप्त कर ली थी। अब सोचिये जब पानी जैसी कोमल चीज इतने कठोर पत्थर को तोड़ने की हिम्मत (Courage) और क़ाबलियत (Ability) रखता है तो आप तो फिर भी इंसान हैं।

इंसान जिसे God ने रचा है और इतना मजबूत बनाया है कि कितना भी बड़ा और मजबूत लक्ष्य हो, उसे हासिल कर सकता है। जरुरत है तो बस खुद को पहचानने की (Know Yourself) और कुछ अच्छी आदतों (Good Habits) को अपनाने की।

यकीन कीजिये आप एक विजेता हो और वह सब कुछ कर सकते हो जो चाहते हो। अब आप जान गए होंगे की विजेता कैसे बना जा सकता है? (How To Be a Winner in Life)

सेल्फ हेल्प बुक जो आपको विजेता बना सकती है!
A self-help Book that can Make you a Winner!

आइये अब मैं आपको एक ऐसी बेहतरीन प्रेरणादायक किताब (Motivational Book) के बारे में बताना चाहता हूँ जो आपको आपके Goal तक बिना किसी स्टॉपेज के आसानी से पहुंचा देगी।

यह किताब आपकी बहुत ज्यादा मदद करेगी।  उस Self Help Book का नाम है- “सबसे मुश्किल काम सबसे पहले” जिसे इंग्लिश में “Eat That Frog” नाम दिया गया था।

इस बुक के लेखक ब्रायन ट्रेसी (Brain Tracy) हैं जो बहुत Famous Writer हैं। उन्होंने Time Management पर बहुत सी किताबें लिखी हैं।

यह किताब उनकी Best Selling Book है। इस किताब से आप यह दो चीजें बहुत अच्छे से सीख पाएंगे-

1- ये किताब आपको टालमटोल की आदत (Habit of Procrastination) से छुटकारा पाने के बहुत अच्छे, सरल और इफेक्टिव तरीके बताएगी।

2- यह किताब आपको सिखाएगी कि आप किस प्रकार अपने Goal को पाने के लिए लगातार सफल प्रयास कर सकते हैं और सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

इसके अलावा आपको इस किताब से प्रोडक्टिविटी बढ़ाने की तकनीक भी सीखने को मिलेंगी जिनका यूज़ करके आप सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

आप इस किताब को Amazon से खरीदना चाहते हैं को यहाँ से खरीद सकते हैं:-    Eat That Frog

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