सिविल इंजीनियर (Civil Engineer) कैसे बने?

भारत एक विकासशील देश है और लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। देश के ना सिर्फ बड़े शहर बल्कि छोटे शहर और गांवों में Development की जा रही है। Real Estate के एक्सपैंड होते बिजनेस के कारण कई प्रोफेशन्स की मांग बढ़ रही है। इन्हीं में से एक Civil Engineering है। यकीनन आपने इस प्रोफेशन के बारे में सुना होगा। आजकल इस प्रोफेशन में काफी स्कोप भी है। इस आर्टिकल में हम आपको यही बताने वाले हैं कि, सिविल इंजीनियर क्या होता है और Civil engineer कैसे बनते हैं। (Civil Engineer Full Information In Hindi)

Civil engineer kaise bane

अधिकांश छात्र अपनी स्कूल लाइफ में ही ये तय कर लेते हैं कि उन्हें आगे जाकर किस फील्ड को चुनना है। ऐसे में देखने में आया है कि युवा सिविल इंजीनियरिंग की तरफ काफी आकर्षित हो रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण ये भी है कि इसमें अच्छे पैकेज पर नौकरी मिल जाती है और इसके कई फील्ड्स में स्कोप भी काफी अच्छे हैं। सिर्फ रियल एस्टेट ही नहीं बल्कि कंस्ट्रक्शन वर्क जैसे पुल निर्माण, बिल्डिंग निर्माण, सड़कों की रूपरेखा, एयरपोर्ट, ड्रम, सीवेज सिस्टम आदि इन सभी में एक सिविल इंजीनियर अहम भूमिका अदा करता है।

आज इस आर्टिकल को लिखने के पीछे सिर्फ यही मकसद है कि जो युवा सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें एक अच्छी Guidance मिले। इसीलिए इस आर्टिकल को ध्यान से अंत तक पढ़े। इसमें आपको सिविल इंजीनियरिंग की संपूर्ण जानकारी मिलेगी।

आईये What Is Civil Engineer In Hindi, How To Become A Civil Engineer in Hindi, Civil Engineer Kaise Bane, Course for Civil Engineer, Salary Of A Civil Engineer आदि के बारे में विस्तार से जानते हैं।

विषय-सूची

  • सिविल इंजीनियरिंग क्या है? (What is Civil Engineering In Hindi)
  • सिविल इंजीनियर कैसे बनें? (How to Become Civil Engineer In Hindi)
    • सिविल इंजीनियरिंग की फीस (Civil Engineering Fees)
    • सिविल इंजीनियरिंग के सब्जेक्ट्स (Subjects of Civil Engineering)
    • इंटर्नशिप
    • लाइसेंस और सर्टिफिकेशन
    • सिविल इंजीनियरिंग में करियर स्कोप (Career Scope In Civil Engineering)
    • सिविल इंजीनियर के पद
    • सिविल इंजीनियर की विशेषताएं/गुण (Qualities of Civil Engineer)
    • सिविल इंजीनियर की सैलरी? (Civil Engineer Salary)
    • सिविल इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर में अंतर (Difference in Civil Engineering and Architecture)
    • Conclusion,

सिविल इंजीनियरिंग क्या है? (What is Civil Engineering In Hindi)

जब भी आप किसी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो सबसे जरूरी होता है कि आपको उसके बारे में बेसिक चीजें पता हो। इसीलिए सबसे पहले हम जानेंगे कि सिविल इंजीनियरिंग क्या है।

सिविल इंजीनियरिंग एक व्यापक क्षेत्र है। ये इंजीनियरिंग की एक ऐसी ब्रांच है जिसमें किसी बिल्डिंग के डिजाइन, Construction, उसके प्राकृतिक (Naturally) और भौतिक (Physical) पर्यावरण के रखरखाव का काम होता है। इसके अलावा पब्लिक काम जैसे रोड, ब्रिज, कैनाल्स, डैम्स, एयरपोर्ट्स, सीवेज सिस्टम, पाइपलाइन्स, रेलवेज आदि का भी काम शामिल होता है। देश की Infrastructural Development में सिविल इजीनियरिंग प्रोफेशनल्स का रोल निभाते हैं।

कुल मिलाकर कहें तो Civil Engineering में Structural Elements पर फोकस किया जाता है। एक सिविल इंजीनियर तय करता है कि किसी भी Construction में कौन सा मैटीरियल इस्तेमाल किया जाए ताकि वो इमारत, सड़क, पुल आदि लंबे समय तक टिकी रहे।

सिविल इंजीनियर कैसे बनें? (How to Become Civil Engineer In Hindi)

अब तक आप समझ गए होंगे कि सिविल इंजीनियरिंग क्या है? अब जानते हैं कि सिविल इंजीनियर बनने के लिए आपको क्या कोर्स करना पड़ेगा, सिविल इंजीनियर बनने के लिए क्या योग्यता हो। Civil engineer बनने के लिए आपके पास दो रास्ते हैं। आप डिग्री और डिप्लोमा दोनों के जरिए सिविल इंजीनियर बन सकते हैं।

अगर आप सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करते हैं जो कि तीन साल का कोर्स है, तो आप जूनियर सिविल इंजीनियर (Junior Civil Engineer) बनेंगे। अगर आप सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री करते हैं जो कि चार साल का कोर्स है तो आप सीनियर सिविल इंजीनियर (Senior Civil Engineer) की पोस्ट पर कार्यरत होंगे।

Diploma In Civil Engineering

सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के लिए योग्यता:

अगर आप ‘डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग’ करना चाहते हैं तो इसके लिए आपका हाई स्कूल पास होना जरूरी है। फिर आप पॉलिटेक्निक कर सकते हैं। ये सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा कोर्स है।

Degree In Civil Engineering

सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री करने के लिए योग्यता:

वहीं, अगर आप ‘डिग्री इन सिविल इंजीनियरिंग’ करने का मन बना रहे हैं तो आपको 12वीं पास करनी पड़ेगी। इसके साथ ही ज़रूरी है कि आप 12वीं कक्षा PCM यानि नॉन मेडिकल स्ट्रीम से पास करें। जिसमें आपके पास Physics, Chemistry, Maths सब्जेक्ट्स होंगे। आपके सिविल इंजीनियरिंग के Entrance exam (IIT , AIEEE,) इत्यादि के लिए 60 फीसदी अंक होने ज़रूरी हैं।

प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam)

हालांकि आप सिविल इंजीनियर बनने के लिए किसी भी कॉलेज से ग्रेजुएशन कर सकते हैं। लेकिन उसमें फीस काफी हाई होती है। वहीं, आल इंडिया लेवल पर एंट्रेंस एग्जाम करवाने वाली आईआईटी (IIT) , एआईइइइ (AIEEE) को पास करने के बाद आप इंडिया के टॉप कॉलेजेस में एडमिशन ले सकते हैं। जहां अच्छी पढ़ाई के साथ फीस भी कम होगी।

Civil Engineering Course

सिविल इंजीनियरिंग के अंतर्गत कराए जाने वाले कोर्सेज:

  • B.Tech In Civil Engineering
  • B.e In Civil Engineering
  • M.tech In Civil Engineering
  • Diploma In Civil Engineering

अगर आप बिना Entrance exam दिए किसी प्राइवेट कॉलेज में एडमिशन लेना चाहते हैं तो पहले कॉलेज या यूनिवर्सिटी के बारे में अच्छे से रिसर्च करें कि उसकी कैम्पस प्लेसमेंट, फैक्लिटी क्वॉलिफिकेशन, लैब्स, प्रैटिक्ल वर्क कैसा है। इन तमाम चीजों की जांच करके ही एडमिशन लें।

सिविल इंजीनियरिंग की फीस (Civil Engineering Fees)

अगर डिप्लोमा की बात करें तो पॉलिटेक्निक डिप्लोमा कोर्स की फीस कम होती है जबकि डिग्री की ज़्यादा होती है। अगर आप प्राइवेट कॉलेज में एजमिशन लेते हैं तो खर्चा 50 हज़ार से 1 लाख के बीच आता है। हालांकि हर कॉलेज, यूनिवर्सिटी का अपना अलग Fees Structure होता है।

सिविल इंजीनियरिंग के सब्जेक्ट्स (Subjects of Civil Engineering)

जैसा हमने ऊपर बताया कि सिविल इंजीनियरिंग का क्षेत्र काफी फैला हुआ है। इसमें स्टूडेंट्स अपने मुताबिक फील्ड सिलेक्ट कर सकते हैं। सिविल इंजीनियरिंग में नीचे दिए गए क्षेत्र शामिल होते हैं। जिन्हें विषयों के तौर पर पढ़ाया जाता है। डिप्लोमा हो या डिग्री लेकिन एक सिविल इंजीनियरिंग करने वाले छात्र को फील्ड की पूरी नॉलेज देने की कोशिश की जाती है।

  • Hydraulic engineering
  • Material engineering,
  • Structural engineering,
  • Earthquake Engineering,
  • Urban Engineering,
  • Environmental Engineering,
  • Transportation Engineering,
  • Geo technical engineering
  • Coastal engineering
  • Construction engineering
  • Forensic engineering
  • Outdoor plant engineering

इंटर्नशिप

सिविल इंजीनियरिंग में करियर आगे बढ़ाने के लिए आपको पढ़ाई के दौरान या उसके बाद Internship भी करनी होगी। ताकि आप प्रोफेशनल्स के बीच में रहकर काम के गुण सीख सकें। थ्योरी के साथ साथ प्रैक्टिकल नॉलेज बढ़ा सकें। आपको अलग अलग प्रोजेक्ट्स को हैंडल करना सिखाया जाएगा, जिससे आपको एक्सपीरियंस मिलेगा। आप जब भी आगे जॉब के लिए अप्लाई करेंगे तो डिग्री या डिप्लोमा के साथ इंटर्नशिप सर्टिफिकेट की भी मांग की जाती है।

लाइसेंस और सर्टिफिकेशन

सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक्सपीरियंस के साथ साथ आपके पास लाइसेंस होना बेहद जरूरी है। जब आपको लाइसेंस मिल जाएगा तो आप सर्टिफाइड सिविल इंजीनियर कहलाएंगे।

सिविल इंजीनियरिंग में करियर स्कोप (Career Scope In Civil Engineering)

हमने आपको ऊपर भी बताया कि सिविल इंजीनियरिंग में काफी करियर स्कोप है। इसमें प्राइवेट के साथ अच्छी सरकारी नौकरियां भी मिल जाती है। Construction और Real Estate से जुड़े इस फील्ड में जॉब्स की बिल्कुल भी कमी नहीं है। इसमें काफी सारी पोस्ट्स की जॉब एवेलेबल है।

सिविल इजीनियरिंग करके स्टूडेंट्स रिसर्च, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, कंस्ट्रक्शन, रियल एस्टेट आदि में जॉब पा सकते हैं। आप सभी जानते हैं कि आज बिल्डिंग्स, मॉल्स, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल्स, ब्रिज, हाइवे, रेलवे, एयरपोर्ट्स, पुल, सड़के आदि का काम तेज़ी से बढ़ रहा है। तो इसमें एक सिविल इंजीनियर Maintenance से लेकर Construction, Consultancy Firm, Housing Society, Quality Testing Laboratory आदि में काम कर सकता है।

इसके अलावा Government Firms और Indian Armies में सिविल इंजीनियर की जरूरत होती है। इतना ही नहीं, आप अपनी खुद की Consultancy Firm की शुरूआत कर सकते हैं। आप इसमें टीचिंग में अपना करियर ग्रो कर सकते हैं। इसके साथ ही अगर आप Writing में अच्छे हैं तो एक Technical Writer भी बन सकते हैं।

सिविल इंजीनियर के पद

एक सिविल इंजीनियर नीचे दिए गए पदों पर नौकरी कर सकता है।

  • Civil engineer,
  • Assistant Engineer,
  • Construction plant engineer,
  • Planning engineer,
  • Technician,
  • Executive engineer,
  • Site / Project Engineer,
  • Supervisor,

सिविल इंजीनियर की विशेषताएं/गुण (Qualities of Civil Engineer)

सिविल इंजीनियरिंग में क्वॉलिफिकेशन्स के साथ कुछ क्वॉलिटीज़ होना भी बहुत ज़रूरी है। नीचे हम आपको प्वॉइंट्स में बताएँगे कि एक सिविल इंजीनियर की क्वॉलिटीज और स्कील्स क्या -क्या होती है और होनी चाहिए।

  • क्रिएटिविटी,
  • थिंकिंग पावर,
  • नई चुनौतियों का सामना करना,
  • धैर्य,
  • रिस्पॉन्सिबल
  • शार्प माइंड,
  • एनालिटिकल थिंकिंग,
  • प्रैक्टिकल,
  • टीम वर्क
  • प्रेशर हैंडलर,
  • प्रोब्लम सॉल्वर
  • कम्प्यूटर स्किल,
  • कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर के प्रयोग,
  • ड्राइंग,
  • बिल्डिंग और सुरक्षा के उपाय,
  • प्लानिंग,
  • सरकारी संगठनों से सही तालमेल,
  • कम्युनिकेशन स्किल

सिविल इंजीनियर की सैलरी? (Civil Engineer Salary)

इस फील्ड में पोस्ट, रैंक या पे-बैंड के बेसिस पर सैलरी दी जाती है। प्राइवेट में आप शुरूआत में 20,000 से 30,000 प्रतिमाह कमा सकते हैं और वहीं सरकारी में 40,000 से भी शुरूआत हो सकती है। सिविल इंजीनियरिंग के करियर में आपकी स्किल्स बहुत जरूरी होती हैं जिनके बेसिस पर अच्छी कमाई कर सकते हैं।

सिविल इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर में अंतर (Difference in Civil Engineering and Architecture)

अक्सर देखा जाता है कि स्टूडेंट्स सिविल इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर में काफी कंफ्यूज हो जाते हैं। क्योंकि ज्यादातर को इसमें अंतर समझ नहीं आता है। बता दें कि रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री इन्हीं दोनों पर डिपेंड है। हालांकि दोनों में काफी Similarities भी हैं लेकिन दोनों फील्ड में काफी अंतर भी होता है। हम कह सकते हैं कि ये दोनों प्रोफेशन एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

आसान सी भाषा में समझें तो एक किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने में आर्किटेक्चर प्री-प्रोडक्शन करता है और सिविल इंजीनियर उसका प्रोडक्शन। मतलब ये है कि, एक बिल्डिंग कैसी दिखेगी, उसका डिजाइन कैसा होगा। ये एक आर्किटेक्चर प्लान करता है और कल्पना करते हुए उसका एक चित्र तैयार करता है। इसके विपरित एक सिविल इंजीनियर उस चित्र या प्लान के मुताबिक काम करता है। वो ये सुनिश्चित करता है कि समय पर और उस जगह में चित्र के तरह दिखने वाली इमारत का निर्माण कैसा किया जाएगा। उसे मजबूत कैसे बनाया जाए।

यानि आर्किटेक्चर कलात्मक है तो सिविल इंजीनियर व्यवहारिक। सिविल इंजीनियर, आर्किटेक्चर के प्लान को एग्जीक्यूट करता है। आप इन दोनों में से कौनसा फील्ड चुनना चाहेंगे ये पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है। दोनों ही प्रोफेशन्स एक दूसरे पर आधारित हैं।

Conclusion,

इस आर्टिकल में हमने सिविल इंजीनियरिंग फील्ड के बारे में काफी विस्तार से जाना। हमने अपनी पोस्ट में हर जरूरी टॉपिक को कवर करने की पूरी कोशिश की। हमने इसमें जाना कि सिविल इंजीनियर क्या है, उसका काम क्या होता है? आप सिविल इंजीनियर कैसे बन सकते हैं, इसके लिए कौनसा कोर्स करना चाहिए। इसके साथ-साथ हमने इस फील्ड के करियर स्कोप और सैलरी के बारे में भी जानकारी हासिल की।

स्टूडेंट्स का कंफ्यूज़न दूर करने के लिए हमने आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग के बीच का फर्क भी बताया। हम उम्मीद करते हैं कि, यह आर्टिकल पूरा पढ़ने के बाद आपको सिविल इंजीनियरिंग के बारे में पूरी जानकारी मिल गयी होगी।

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अगर, इसके अलावा आपको Civil engineering के बारे में कोई और जानकारी चाहिए या आपका इससे संबंधित कोई सवाल है तो हमसे कमेंट में पूछ सकते हैं।

अगर आपको सिविल इंजीनियरिंग क्या है और Civil engineer कैसे बने? की जानकारी अच्छी लगे तो सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें ताकि कोई और भी इसके बारे में जान सके।

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