जिंदगी में खुश रहना है तो ये बातें हमेशा याद रखना

जिंदगी तो सब जीते है पर जो जिंदगी में कुछ करके, कुछ बनके दिखाता है उसी को याद किया जाता है इसलिए कहा गया है कि, ढोंग की जिंदगी से बेहतर ढ़ंग की जिंदगी होती है। दूसरों की बुराई पर तो हर किसी की नजर पड़ जाती है पर जो किसी का अवगुण देखने के बजाय उसका गुण देखता है उसे ही अच्छा इंसान कहते हैं। किसी के घर जाओ तो अपनी आँखों पर काबू रखें ताकि उसके सत्कार के अलावा उसकी कमियां न दिखे और जब किसी के घर से निकलो तो अपनी जुबान पर काबू रखें ताकि उसके घर की इज्जत और राज दोनों सलामत रहें। दिल में बुराई रखने से बेहतर है नाराजगी जाहिर कर दो। अगर आप चाहते हैं कि, लोग आपका मान-सम्मान करें तो पहले औरों का मान रखना सीखें। बोलने से पहले सुनना सीखो।

Zindagi me khush rehna hai to ye baatein hamesha yaad rakhna

अगर जिंदगी में सबके प्यारे और खुश रहना चाहते हैं तो ये बातें हमेशा याद रखना, जो पिता के पैरों को छूता है वो कभी गरीब नहीं होता और जो माँ के पैरों को छूता है वो कभी बदनसीब नहीं होता है, जो भाई के पैरों को छूता है वो कभी गमगीन नहीं होता है, जो बहन के पैरों को छूता है वो कभी चरित्रहीन नहीं होता और जो गुरु के पैरों को छूता है उस जैसा कोई खुशनसीब नहीं होता है।

अगर कोई आपकी बुराई करे तो परेशान न हो, असल में उन लोगों के पास आपको महत्व देने का कोई और तरीका नहीं होता है। वो कहते हैं न कि, भौंकने वाला कुत्ता काटता नहीं है इसीलिए उन लोगों से मत डरिये जो बहस करते हैं पर उनसे जरूर डरे जो छल करते हैं।

ये दो बातें अपने अंदर पैदा कर लें, एक चुप रहना दूसरा माफ करना क्योंकि चुप रहने से बेहतर कोई जवाब नहीं होता और माफ करने से बेहतर कोई सजा नहीं होती।

विषय-सूची

  • जिंदगी में खुश रहना है तो ये बातें हमेशा याद रखना
      • जिंदगी में खुश रहना है तो ये बातें गाँठ बाँध लो

जिंदगी में खुश रहना है तो ये बातें हमेशा याद रखना

जिंदगी में कभी भी अपने हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वजन से डूब जाता है।

अगर आप जिन्दगी में अच्छे लोगों का साथ चाहते हैं तो तीन लोगों को कभी मत भूलना

मुसीबत में साथ देने वाले,
मुसीबत में साथ छोड़ने वाले,
और मुसीबत में डालने वाले।

हर किसी पर विश्वास मत करो, अपने किसी काम या जरूरत के लिए किसी से भी उम्मीद मत लगाओ। उम्मीद अपने आप से रखो किसी और से नहीं। जिन्दगी में कभी किसी को दुःख मत देना क्योंकि किसी को रुलाकर हँसना, हँसना नहीं होता।

अगर कोई आपके काम की प्रशंशा न करे तो चिंता मत करना क्योंकि आप उसी दुनिया में रहते हैं जहाँ जलता तो तेल और बाती है और लोग कहते हैं दीपक जल रहा है।

लोगों पर भरोसा करें क्योंकि विश्वास ही इंसानियत की बुनियाद है और भरोसा एक ऐसी चीज है जिसके बिना हम एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा सकते लेकिन किसी पर इतना भरोसा भी न करे कि वो आपको पागल ही समझने लगे।

जिन्दगी में पाने की चाहत उतनी ही रखो जितना आप पा सके क्योंकि ख्वाहिशे, अपनी मर्जी से उठाया गया बोझ होता है अगर अपनी उड़ान बुलंद रखनी है तो अपनी बोझ हल्का रखें।

लाइफ में खुश रहना चाहते हैं तो अपने दुश्मन को हजार मौके दो कि वो आपका दोस्त बन जाये लेकिन अपने दोस्त को एक भी मौका mat दो कि, वो आपका दुश्मन बन जाए।

बीते हुए कल का अफसोस और आने वाले कल की चिंता दो ऐसे चोर है जो हमारे आज की खूबसूरती को चुरा लेते हैं। इसलिए सिर्फ अपने आज का ख्याल रखो।

ऐसे लोगों से दूर रहो जो मीठी -मीठी बातें करते हो, बिना वजह तारीफ करते हो क्योंकि तारीफों के पुल के नीचे मतलब की नदी बहती है। अगर जिन्दगी में चापलूसी करने वाले लोगों से दूर रहोगे तो हमेशा खुश रहोगे।

अच्छा दिखना तो हर कोई चाहता है पर अच्छा बनना कोई पसंद नहीं करता। अगर किसी की पीठ के पीछे कुछ करना चाहते हो तो बस एक ही काम करना और वो है उसके लिए दुआ करना।

हँसकर जीना दस्तूर है जिंदगी का,
एक ही किस्सा मशहूर है जिन्दगी का,
बीते हुए कल कभी लौटकर नहीं आते,
यही सबसे बड़ा कसूर है जिंदगी का।

रोने का टाइम कहाँ सिर्फ मुस्कुराओ,
चाहे ये दुनिया कहे पागल आवारा,
बस याद रखना जिंदगी मिलेगी न दोबारा।

दोस्त, किताब, रास्ता और सोच अगर गलत हो तो गुमराह कर देते हैं क्योंकि दोस्त दुश्मन से भी बड़े होते है और गलत रास्ता हमें कभी भी हमारी मंजिल तक नहीं ले जा सकता और गलत सोच से हम जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ सकते।

कौन क्या कर रहा है, कैसे कर रहा है और क्यों कर रहा है इन सब से आप जितना दूर रहोगे उतना ही खुश रहोगे। सिर्फ खुद का ख्याल रखें कि, आपको क्या करना चाहिए।

जिंदगी में खुश रहना है तो ये बातें गाँठ बाँध लो

अपने दिल का हाल हर किसी को न बताया करो क्योंकि यूँ हर किसी के सामने हाल-ए-दिल बयाँ करना अच्छा नहीं होता। अपने घर की बातों को गैरों को कभी नहीं बताना चाहिए क्योंकि वही तुम्हारे मजाक की वजह बनती है।

दोस्त के साथ अपने दिल की बात करना अच्छी बात है, मगर अपने दोस्तों को भी उतने ही राज बताओ कि, कल अगर वो आपके दुश्मन बन जाए तो भी तुम्हें कोई नुकसान न पहुँचा सके।

अच्छे दोस्त अपने साथ रखना चाहते हैं तो अपने दोस्त की गलती रेत पर लिखो ताकि पानी उसे मिटा सके और दोस्त के एहसास पत्थर पर लिखो ताकि कोई उसे मिटा न सके।

बात -बात पर गुस्सा करना, चिढ़ना भी इंसान को दुखी बनाता है इसलिए गुस्सा मत करो, जोर से मत बोलो, शांत मन से सोचो और फिर निर्णय लो। आवाज से आवाज नहीं मिटती बल्कि चुप्पी से मिटती है।

गुस्सा करने से सिर्फ आपको दुःख होगा, मन शांत रखोगे तो सुख भी आपको मिलेगा। साथ ही, आसपास के लोग भी आपसे डिस्टर्ब नहीं होंगे जिससे वे भी आपसे ऐसा कुछ नहीं कहेंगे जिससे आपको दुःख हो।

जहाँ आपकी कद्र नहीं वहां कभी नहीं जाना और जो आपकी बात ही नहीं सुनना चाहता उसे कभी समझाना नहीं। इससे आपका ही वक्त खराब होगा किसी और का नहीं।

ऐसे लोग जो सच पर भी रूठे उसे कभी मनाना नहीं चाहिए और जो एक बार नजरों से फिर जाए उसे जिन्दगी में कभी उठाना नहीं चाहिए। धोखेबाज पर कभी भरोसा न करे।

अपनी लाइफ से दुःख को दूर करना चाहते हैं तो जीवन में कभी परेशानियों से डरे नहीं बल्कि उनका सामना करे। ऐसे लोग जो तकलीफ के टाइम में आपका साथ छोड़ दे, जो मौसम की तरह बदलते हो उन्हें कभी दोस्त नहीं बनाना।

अगर आप सोचते हैं कि, एक दिन ऐसा भी आएगा जब आपकी लाइफ से सब दुःख दूर हो जाएँगे और आप हमेशा खुश रहेंगे तो आप गलत है क्योंकि हकीकत तो ये है कि आप अपने मन को खुश रखिये सब दुःख अपने आप दूर हो जाएंगे।

जिन्दगी में खुश रहना चाहते हैं तो रिश्ता, दोस्तों और प्यार उसी के साथ रखना जो तुम्हारी हंसी के पीछे दर्द, गुस्से के पीछे का प्यार और मौन के पीछे की वजह को समझ सके।

जिन्दगी तो सब जीते है पर आप ऐसे जिये कि, कोई हँसे तो आपकी वजह से तुम्हारे ऊपर नहीं और कोई रोये तो तुम्हारे लिए तुम्हारी वजह से नहीं।

अगर आप लोगों की भावनाओं को समझते हैं तो समझिये आप इंसान है और आपमें इंसानियत बसती है। यदि आप लोगों की भावनाओं को नहीं समझ पाते हैं तो आप जिन्दगी बहुत से अच्छे लोगों को खो बैठते हैं।

क्योंकि कई बार आंसुओं का मतलब ख़ुशी और मुस्कुराहट का मतलब दर्द होता है। जरूरी नहीं है कि, जो हंस रहा है वो खुश है, जो रो रहा है वो दुखी है।

कभी भी अपना गुस्सा और जुबान उन पर मत चलाना जिन्होंने तुम्हें बोलना सिखाया वरना खुदा भी आपसे नाराज हो जाएगा और आप कभी खुश नहीं रहेंगे।

इंसान की बर्बादी का वक्त तब शुरू हो जाता है जब उस शख्स के माँ बाप उसके गुस्से के डर से अपनी जरूरत बताना और नसीहत देना छोड देते हैं।

अगर रास्ता खुबसूरत हो तो पता करना कि किस मंजिल को जाता है पर अगर मंजिल खुबसूरत हो तो रास्ते की परवाह मत करना।

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गलत रास्ते पर हो सकता है शुरुआत में कामयाबी मिले, खुशियाँ मिले लेकिन अंत में तुम्हारी हार होगी और सही रास्ते पर भले ही शुरुआत में ठोकरें मिलें, मुसीबतों का सामना करना पड़े लेकिन अंत में आपको शानदार जीत मिलेगी।

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